पुष्पकृषि

पुष्पोंत्पादन

पुष्पोंत्पादन के विकास के लिए, प्रदेश में सात पुष्पोंत्पादन पौधशालाओं की स्थापना की गई है. इनका मुख्य उदेश्य इस प्रकार है

  1. पुष्प उत्पादकों को उचित दर पर फूलों की उन्न्त किस्मों की आपूर्ति
  2. पुष्प प्रदर्शन स्थल व् प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करना.

पुष्प पौधशालाओं का विवरण इस प्रकार हैं:

क्र. सं. केंद्र का नाम क्षेत्र (हेक्टेयर) फूलों के पौधों की किस्मे
1. फूलों की खेती के लिए मॉडल केंद्र, महोग चायल, जिला सोलन. हिमाचल प्रदेश. 1.61 ग्लेडियोलस, कार्नेशन, लिलियम, डफोडिल, गुलदाउदी, एल्सटरोइमेरिया, ओर्चिड, स्टेटीस आदि.
2. पुष्पोंत्पादन पौधशाला परवानू, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश 0.16 गमले वाले पौधे, मौसमी फूल, गुलाब आदि.
3. पुष्पोंत्पादन पौधशाला, नवबहार, शिमला-2. 0.7 कारनेशन, लिलियम, गुलदाउदी, एल्सटरोइमेरिया, गमले वाले पौधे, कैक्टस और मौसमी फूल आदि.
4. पुष्पोंत्पादन पौधशाला, छाराबरा, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश 1.0 गमले वाले पौधे, एवेन्यू पौधे, बेल आदि
5. पुष्पोंत्पादन पौधशाला, भटून, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश 0.48 गमले वाले पौधे, मौसमी फूल, बीज वाले फूल, गुलदाउदी आदि
6. पुष्पोंत्पादन पौधशाला, धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश 1.20 गमले वाले पौधे , पाली बैग वाले पौधे, बीज वाले फूल आदि.
7. पुष्पोंत्पादन पौधशाला, बजौरा, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश 1.32 कारनेशन, गेंदा, ग्लेडियोलस, गमले वाले फूल, बीज वाले फूल आदि.