फ़रवरी

फ़रवरी पहला पखवाड़ा

  • खुमानी, आडू, नाशपाती में कलम करने का कार्य शुरू करें|
  • गुठलीदार फलों में नाइट्रोजन  की आधी मात्रा डालने का यह उचित समय हैं|    
  • कांट-छांट का कार्य पूरा कर लें|
  • कीवी, अनार व अंगूर की कलमें पौध तैयार करने के लिये लगा दें|

सदाबहार फल :-

  • पौधों में यदि गोबर व रासायनिक उर्वरक न डालें हो तो यह कार्य पूरा कर लें|
  • आम, निम्बु प्रजातीय व लीची आदि फलों में नाईट्रोजन की आधी मात्रा डालने का उचित समय हैं|
  • आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें|
  • जहाँ पर सिंचाई की सुविधा हो, आम, लीची व निम्बू प्रजाति फलों का रोपण करें|

फ़रवरी दूसरा पखवाड़ा

  • गुठलीदार फलों, अखरोट, पीकननट, कीवी तथा सेब में कलम करने का काम करतें रहे|
  • गुठलीदार पौधों व नाशपाती में टॉप वर्किंग का काम पूरा कर लें|
  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां बर्फ पिघल चुकी हो तथा खाद न डाली हो वहाँ पर गोबर व पोटाश डालें|
  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पौध रोपण का कार्य पूरा कर लें|
  • शुष्क शीतोष्ण क्षेत्रों में अंगूर कांट-छांट पूरी कर लें|
  • गुठलीदार फलों में नाइट्रोजन की आधी मात्र डालें|

सदाबहार पौधें:-

  • पौधों से सुखी व रोगग्रस्त टहनियों की कांट-छांट करें|
  • सूखे की अवस्था में सिंचाई करें|