मार्च

मार्च का प्रथम पखवाड़ा

  •     नर्सरी में कलम करने का कार्य पूरा कर लें|
  •     अंकुरित बीजों की नर्सरी में बुआई कर लें|
  •     ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन की पहली आधी मात्र डालें|
  •     गुठलीदार फलों के तौलिओं में अंकुरण से पहलें खरपतवारनाशक (एट्राजीन/डाईयूरेन 4 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर) का प्रयोग करें|

सदाबहार पौधें :-

  • आवश्यकता पड़ने पर पौधों कि सिंचाई करें|
  • जो छप्पर पौधों को पाले से बचाने के लिए लगाई गई थी, उसे हटा दें|
  • निम्बू प्रजाति फलों में चश्में चढाने का काम शुरू करें|

मार्च का दूसरा पखवाड़ा

  • नर्सरी में कलम लगाने का कार्य पूरा कर लें|
  •  शुष्क शीतोष्ण क्षेत्रों में बर्फ पिघलते ही पौध रोपण का कार्य तथा इन क्षेत्रों में कांट-छांट का कार्य भी हो जाना चाहिए|
  • मध्यावर्ती क्षेत्रों में गुठलीदार फलों को ओले से बचाने के लिए जाली से पौधों को ढकें|
  • सेब, नाशपाती व चैरी में टॉप वर्किंग का कार्य पूरा कर लें|
  • सेब व अन्य शीतोष्ण फलों में यदि नाइट्रोजन कि पहली आधी मात्र न डाली हो तो इसे पूरा कर लें|

सदाबहार पौधे :-

  •  निम्बू प्रजाति व लीची में जस्ते कि कमी को पूरा करने के लिए एक किलोग्राम जिंक सल्फेट + 500 ग्राम अनबुझा चूना पानी में घोल बना कर छिडकाव करें|
  • निम्बू प्रजाति में चश्में तथा आम में कलम में कलम करने का काम पूरा कर लें|
  • पौधों में घास कि मल्चिंग लगा लें|