अप्रैल

अप्रैल का पहला पखवाड़ा

  • मध्यवर्ती क्षेत्रों में नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा भूमि में नमी के अनुसार डालें|
  • बसंत ऋतू की वर्षा के बाद सुखी घास की मल्चिंग बिछाए|
  • सेब में हरी पंखुड़ी से गुलाबी पंखुड़ी की अवस्था में बोरिक एसिड 100 ग्रा./ 100 ली. पानी तथा यूरिया 500 ग्रा./ 100 ली. पानी का छिडकाव करें|
  •  पौधों के मुख्य तनों व जड़ों से अवांछित शाखाए निकाल दें|
  •  परागण के लिए मधुमक्खियों के बक्सों को बगीचों में स्थापित करें|

सदाबहार पौधें :-

  • नाइट्रोजन की दूसरी आधी मात्र डाल दें तथा घास की मल्चिंग करे|
  •  सिंचाई 10-15 दिनों के अंतर पर करें|

अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा

  • नर्सरी के पौधों से मूलवृन्त आने वाले तनों को निकाल दें तथा समय-समय पर सिंचाई करें व खरपतवार निकालें|
  • पौधों के तौलियों से खरपतवार निकल दें|
  •  ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बगीचों में मधुमक्खी के बक्से लगा दें|
  • बगीचों में झाडियों के नियंत्रण के लिए खरपतवार नाशक दवाइयों का छिडकाव करें|

सदाबहार पौधें :-

  • पौधों में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें|
  • सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी को पूरा करने के लिए सुक्ष्म तत्वों (मल्टीप्लैक्स 0.25 % ) का छिडकाव करें|