मई

मई का पहला पखवाड़ा

  • नर्सरी से खरपतवार निकाले तथा सिचाई करते रहे|
  • पौधों के टोलियों से खरपतवार निकालें, जहाँ पानी की सुविधा हो, सिंचाई करें|
  • सेब के पौधों में नाईट्रोजन की आधी मात्र डालें|
  • किवी फल में हाथ से परागण करें|
  • अत्यधिक फलन कि अवस्था में प्लानोफिक्स (1 मि. ली. / 4.5 ली.पानी में ) छिडकाव करके फलों का विरलन करें|

सदाबहार पौधें :-

  •  पौधों कि सिंचाई समयानुसार करें|
  • सूक्ष्म तत्वों का छिडकाव अगर अप्रैल महीने में न किया हो तो उसका छिडकाव करें|
  • किन्नू के फलों का विरलन प्रतिवर्ष फूल खिलने के 40 दिन बाद नेपथलीन एसिटिक एसिड 350 पी.पी.एम. (प्लानोफिक्स 7.8 मि.ली. पानी द्वारा या इथरल 0.5 ग्राम /ली.) पानी द्वारा करें|
  •  खरपतवारनाशक का प्रयोग करें|

मई का दूसरा पखवाडा

  • अखरोट में चिप चश्मा लगा कर प्रवर्धन करें तथा सेब, खुमानी व आडू में चश्मा लगा कर प्रवर्धन करें|
  • गुठलीदार फलों की अगेती किस्मों की तुडाई करें|
  • सूक्ष्म तत्वों की कमी के लिए सेब के बगीचों में मल्टीप्लेक्स, टेसल या अग्रोमिन का छिडकाव करें|
  • अगर आवश्यकता हो तब किवी फल में, फलों का विरलन हाथ द्वारा करें|

सदाबहार फल :-

  • अवांछित कोपलों और सदाबहार शाखाओं को निकल दें|
  • लीची फल कि तुड़ाई आरम्भ करें|
  • आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें|
  • नए बागीचे लगाने के लिए रेखांकन व गड्ढे तैयार करें|