मार्च

  • आम में फल बनने के बाद भूनजा एवं चूर्णी बग कीट नियंत्रण हेतु फरवरी माह में सुझाई गई कीटनाशक दवाओं का पुनः छिडकाव करें|
  • लीची में रैड रस्ट नियंत्रण हेतु फरवरी माह में सुझाई गई कीटनाशक दवाओं में से किसी एक दवा का पुनः छिडकाव करें|
  • सेब में स्केल कीट एवं माईट नियंत्रण हेतु टाइट कलस्टर अवस्था में वृक्षों पर शीतकालीन तेल (आई.पी.ओ.एल./सर्वो/एच.पी.स्प्रे आयल/लोवीन-30 /एच.आर.सी.स्प्रे आयल) का 200 ली./100 ली.पानी में घोलबनाकर छिडकाव करें| छिडकाव साफ़ मौसम में करें|
  • सेब में स्केल कीट एवं माईट नियंत्रण हेतु टाईट कलस्टर अवस्था में वृक्षों पर शीतकालीन तेल (आई.पी.ओ.एल./सर्वो/एच.पी.स्प्रे आयल/लोवीन-30 /एच.आर.सी.स्प्रे आयल) का 200 ली./100 ली.पानी में घोल बना कर छिडकाव करें| छिडकाव साफ़ मौसम में करें|
  • नीम्बू प्रजातीय फल वृक्षों पर पर्ण सुरंगी कीट एवं सिल्ला नियंत्रण हेतु डाईमैथोएट ( रोगर 30 ई.सी.) या आक्सीडैमीटॉन मिथाइल (मैंटासिस्टॉक्स 25 ई.सी.) या मोनोक्रोटोफॉस (मोनोसिल/न्युवाक्रान /मास्क्रान /मैक्रोफास 36 डब्ल्यू एस.सी./ एस/ एल.) का 100 मी.ली./100 ली.पानी की दर से घोल बना कर छिडकाव करें|
  • यदि निम्बू प्रजातीय फल वृक्षों पर निम्बू की तितली का आक्रमण नज़र आये तो प्रारंभ में सुंडियों को एकत्रित कर नष्ट कर दें| बाद में एण्डोसल्फॉन (एण्डोसिल / थायोडॉन /एण्डोमॉस / हिल्डॉन 35 ई. सी.) 150 मि.ली./100 ली. पानी या मोनोक्रोटोफॉस (मोनोसिल/न्युवाक्रॉन /मास्क्रॉन /मैक्रोफॉस 36 डब्ल्यू एस.सी./एस/ एल.) 100 मि.ली./100 ली. पानी की दर से घोल बनाकर छिडकाव करें|