- सेब
- आम
- नाशपाती, प्लम और आडू
- लीची
- बादाम
- नीम्बू प्रजातीय फल
नीम्बू प्रजातीय फलों के मुख्य "कीट व रोग" की रोकथाम हेतु एकीकृत छिड़काव सारिणी वर्ष 2018
| क्रम संख्या | समय/अवस्था | दवा का नाम | 200 ली.पानी के लिए दवा की मात्रा | जिन कीटों व रोगों का नियंत्रण होगा |
| 1 | जनवरी | कापर आक्सीक्लोराइड स्ट्रैप्टोमाईसीन सल्फेट 90 प्रतिशत + टेट्रासाईक्लीन हाइडोक्लोराइड 10 प्रतिशत डब्ल्यू |
600 ग्राम 3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी |
कैंकर |
| 2 | फरवरी | डाईमेथोएट या मोनोक्रोटोफास |
200 मि.ली. 200 मि.ली. |
एफिड |
| 3 | मार्च-अप्रैल | मोनोक्रोटोफास | 200 मि.ली. | एफिड |
| 4 |
मई-जून |
मोनोक्रोटोफास या डाईमैथोएट कॉपर आक्सीक्लोराइड या स्ट्रैप्टोमाईसीन सलफेट 90 प्रतिशत + टेट्रासाईक्लीन हाइडोक्लोराइड 10 प्रतिशत डब्ल्यू |
200 मि. ली 200 मि. ली 600 ग्राम 3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी |
एफिड कैंकर |
| 5 | जुलाई-अगस्त | कॉपर आक्सीक्लोराइड या स्ट्रैप्टोमाईसीन सलफेट 90 प्रतिशत + टेट्रासाईक्लीन हाइडोक्लोराइड 10 प्रतिशत डब्ल्यू |
600 ग्राम 3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी |
कैंकर ग्रस्ति भागों को काट कर जला दें तथा रोग का आक्रमण अधिक होने पर 15-20 दिनों के अंतराल पर छिडकाव दोहराएं| |
| 6 | सितम्बर-अक्तूबर | मोनोक्रोटोफॉस | 200 मि.ली. | एफिड |
नोट:-खिले हुए फूलों पर किसी भी कीटनाशक का स्प्रे न करें |





