| क्रम. संख्या |
पौधे की अवस्था | दवाई का नाम | दवाई प्रति 200 ली.पानी में | रोकथाम |
| 1 | आधा इंच हरी कली |
स्प्रे ऑयल |
4 लीटर |
सैन्जोस्केल व माईट |
| 2 | गुलाबी कली |
थायाक्लोप्रिंड | 100 मि.ली | थ्रिप्स |
| 3 | पंखुड़ीपात | स्पाईरोमेसीफेन या हैक्सीथाईजोक्स ओक्सी- डेमीटोन मिथाइल मैलाथियान |
60 मि.ली. 200 मि.ली 200 मी. ली 200 मि.ली. |
माईट सैन्जोस्केल ऐफिड |
| 4 | फल विकास (अखरोट के आकार का) |
फैन्जाक्वीन या प्रोपरजाईट या होर्टिकल्चर मिनरल ऑयल |
50 मि.ली. 200 मि. ली 2 लीटर |
माईट |
| 5 | फल विकास (क्रमांक 4 के 20 दिन बाद) | हैक्सीथाईजोक्स या स्पाईरोमेसीफेन |
200 मि.ली. 60 मि. ली |
माईट |
| 6 | फल विकास (क्रमांक 5 के 20 दिन बाद) | फैन्जाक्वीन या प्रापरजाईट |
50 मि.ली 200 मि.ली. |
माईट |
| 7 | फल तोड़ने से पूर्व (फल तोड़ने के 20-25 दिन पूर्व) |
मैलाथियान आक्सी-डेमीटोन मिथाईल |
200 मि.ली. 200 मि. ली |
ऐफिड सैन्जोस्केल |
| 8 | फल तोड़ने के बाद | क्लोरपायरीफास |
400 मि.ली. |
वुली एपल ऐफिड |
टिप्पणी :-
1 एक ही कीटनाशक/ एकेरीसाइड का प्रयोग बार-बार न करें |
2 जब भी माईट की रोकथाम हेतु पौधे पर छिड़काव करें उस समय पौधे के तौलिये में भी छिड़काव करें जिससे माईट का नियन्त्रण प्रभावशाली हो |
3 फल तोड़ने के उपरान्त वूली ऐफिड तथा जड़ छेदक कीडे की रोकथाम हेतु पौधे के तौलिये में क्लोरपायरीफास 2 मि. ली. /प्रति.लि. पानी में घोल बनाकर ड्रेंच करें |
4 होर्टिकल्चर मिनरल ऑयल स्केल कीट व माईट नियन्त्रण हेतु प्रभावशाली है | यधपि डॉ. वाई. एस.परमार औधानिकी व वानिकी विश्वविधालय, नौणी द्वाराअनुमोदित किये गये है परन्तु इनका पंजीकरण केन्द्रीय कीटनाशक बोर्ड व पंजीकरण समिति द्वारा इनका पंजीकरण अभी तक नहीं किया गया है एवं यह सक्षम कार्यकाल के विचाराधीन है | उक्त विश्वविधालय धारा आवश्यक परीक्षण आकड़े प्रसतुत किये जा चुके हें |
5 अप्रैले से जून महीनों में लेडी वर्ड वीटल, सिरिफिड फलाई तथा अन्य मित्र कीटों के बचाव हेतु कीटनाशक का प्रयोग कम से कम करें जिससे इस समय मित्र कीट जोकि काफी सक्रिय होते है, को अनावश्यक क्षति न हो |
6 खिले हुए फूलों पर किसी प्रकार का छिडकाव न करें ताकि परागण क्रिया में सहायक कीटों को कोई नुकसान न हो |





