उपदान एवं सहायताएं :-

उद्यान विभाग के द्वारा टेक्नोलॉजी मिशन में मिनी मिशन || के अंतर्गत सहायता निम्नानुसार प्रदान की जा रही है :

घटक

हाताएं

क. क्षेत्र विस्तार

बारहमासी 
फल 
(संतरा, नींबू प्रजाती के फल, नींबू, आम, अमरुद, लीची, अनार, सेब, कीवी, अखरोट,चेरी, नाशपाती, आडू, कृषण कमल फल (पैशन फल) इत्यादि)

 

तीन वर्षों के लिए रु. 22,500/- प्रति है० की सहायता (4 है० प्रति लाभार्थी के लिए रु . 90,000 )

प्रथम वर्ष में लगात का 50 प्रतिशत अर्थात रु. 11,500/- 
द्वितीय वर्ष में 75 प्रतिशत जीवित फल पौधों की स्थिति के अनुसार लागत का 20 प्रतिशत अर्थात रु. 4,400/- 
तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत जीवित फल पौधों की स्थिति के अनुसार लागत का 30 प्रतिशत अर्थात रु. 6,600/-

फल 
गैर बारहमासी (केले, अनानास, स्ट्रॉबेरी, और पपीता आदि )

 

तीन वर्षों के लिए रु. 15,000/- प्रति है० की सहायता (4 है० प्रति लाभार्थी के लिए रु . 60,000 )

प्रथम वर्ष में लगात का 50 प्रतिशत अर्थात रु. 7,500/- 
द्वितीय वर्ष में 75 प्रतिशत जीवित फल पौधों की स्थिति के अनुसार लागत का 20 प्रतिशत अर्थात रु.3,000/- 
तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत जीवित फल पौधों की स्थिति के अनुसार लागत का 30 प्रतिशत अर्थात रु. 4500/-.

फल पौधों का जीर्णोद्वार

रु. 15,000/-प्रति है०(2 है० प्रति लाभार्थी के लिए रु. 30,000/-)

सब्जियां

उन्नत किसानों के लिए रु.13,000/- प्रति है०;
विभिन्न किस्मों के बीजों के लिए रु. 4,000 से अधिक की सहायता नही होनी चाहिए.

मसाले

उन्नत किसानों के लिए रु.13,000/- प्रति है०.

औषधीय पौधे

उन्नत किसानों के लिए रु.13,000/- प्रति है०.

सुगन्धित पौधे

उन्नत किसानों के लिए रु.5,000/- प्रति है०.

पुष्पोत्पादन

रु.13,000/-प्रति 0.2 है०.

ख. जल संसाधनों का निर्माण

जल भंडारण टैंकों का निर्माण 

नदी नालो पर बांध का निर्माण

1 है० (300 क्यूब. मिली. / 3 लाख ली. की क्षमता ) वाले क्षेत्र की सिंचाई हेतु 
1 लाख रु. की राशि प्रदान करना 
10 है० वाले निकटतम सिंचाई क्षेत्रों में टैंकों के निर्माण के लिए 10 लाख रु. प्रति
टैंक अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है .

ट्यूब वैल/बोर वैल

समूह एवं प्रत्येक बागवानों को ट्यूब वैल/बोर वैल लगवाने के लिए रु.12,500/- प्रति इकाई.

ग. आनफार्म वाटर मैनेजमेंट

टपक सिंचाई

रु. 28,500/- प्रति है०

स्प्रिंकलर सिंचाई

लघु, सीमान्त, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति एवं महिला बागवानो के लिए रु. 15,000/- 
प्रति है० और अन्य सामान्य वर्ग के लिए लागत का 33 प्रतिशत अर्थात रु. 10,000/- प्रति है० .

प्लास्टिक मलचिंग

रु. 7000 प्रति है०

हरित गृह

1000 वर्ग मी० के क्षेत्र में उच्च तकनीक (हाईटेक) एवं सामान्य हरित गृह बनाने हेतु 3,25,000/ रूपये(हाईटेक) 1,25,000/- रूपये(सामान्य) का सहायतानुदान उपलब्ध है.

छोटी नहरे

रु. 5 प्रति वर्ग मी. 
जिसकी अधिकतम सीमा 1है० या रु . 50,000/- है .

छायादार जाली गृह

रु. 14 प्रति वर्ग मी० 
जिसकी अधिकतम सीमा 500 वर्ग मी० या रु. 7,000/-

ओला अवरोधक जाली

रु. 500 प्रति वृक्ष 
(अधिकतम सीमा 25,000 रुपये प्रति लाभार्थी)

पक्षी अवरोधक जाली

रु. 2,000 प्रति है० 
जिसकी अधिकतम सीमा 1 है०

घ. ऑनफार्म हेंडलिंग यूनिट

ग्रेडिंग / पैकिंग गृह

50,000 रुपये प्रति लाभार्थी

ङ. फल पौध रोपण सामग्री का उत्पादन

बहु फसलीय पौधशालाएं

निजी क्षेत्र

रु. 8 लाख

प्रतिवर्ष दो है० मे ‍ पांच लाख फल पौधें उत्पादन करने की क्षमता

छोटी पौधशालाएं

निजी क्षेत्र

रु. 3 लाख

प्रति वर्ष 3 लाख फल पौधों की उत्पादन क्षमता

पत्ती विश्लेषण इकाइयाँ

निजी क्षेत्र

रु. 10 लाख

प्रति वर्ष 15 लाख फल पौधों की उत्पादन क्षमता

संतती एवं हर्बल गार्डन

निजी क्षेत्र

रु. 1.50 लाख

. तकनीकी बदलाव

राज्य के भीतर बागवानो को प्रशिक्षण प्रदान करना

बागवानो के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन रु. 1500 प्रति किसान

राज्य के बहार बागवान किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करना

बागवानो के लिए सात दिवसीय भ्रमण का आयोजन रु. 2500 प्रति किसान

 जैविक खेती और जैव उर्वरक को बढ़ावा

जैविक कृषि को बढ़ावा देना

जैविक कृषि को अपनाने हेतु 10,000 रु. प्रति है०

जैविक सर्टिफिकेशन

निरंतर 3 वर्षों तक जैविक कृषि को अपनाने के बाद 
जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण हेतु व्यय का 90 प्रतिशत या 5.0 लाख रु. प्रति वर्ष .

वर्मी कम्पोस्ट यूनिट

रु. 15,000/- प्रति इकाई
वर्मी कम्पोस्ट की सरंचना के लिए लम्बाई 30’ चौडाई 8’ ऊंचाई 2½’ .
तथा पुरी तरह छत से ढकी होनी चाहिए
इकाई 12 पक्तियों में विभाजित तथा प्रत्येक का आकार 2½’ होना चाहिए

प्रति वर्ष 15 लाख फल पौधों की उत्पादन क्षमता

संतती एवं हर्बल गार्डन

निजी क्षेत्र

1.50 लाख रुपये

. तकनीकी बदलाव

राज्य के बहार बागवान किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करना

बागवानो के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन रु. 1500 प्रति किसान

राज्य के बहार बागवान किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करना

बागवानो के लिए सात दिवसीय भ्रमण का आयोजन रु. 2500 प्रति किसान

. जैविक खेती और जैव उर्वरक को बढ़ावा

जैविक कृषि को बढ़ावा देना

जैविक कृषि को अपनाने हेतु 10,000 रु. प्रति है०

जैविक सर्टिफिकेशन

निरंतर 3 वर्षों तक जैविक कृषि को अपनाने के बाद 
जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण हेतु व्यय का 90 प्रतिशत या 5.0 लाख रु. प्रति वर्ष .

वर्मी कम्पोस्ट यूनिट

रु. 15,000/- प्रति इकाई
वर्मी कम्पोस्ट की सरंचना के लिए लम्बाई 30’ चौडाई 8’ ऊंचाई 2½’ .
तथा पुरी तरह छत से ढकी होनी चाहिए
इकाई 12 पक्तियों में विभाजित तथा प्रत्येक का आकार 2½’ होना चाहिए